Thursday, April 29, 2010

मेरी नायिका


शरतचन्द्र की कहानियों के गाँव में
अशोक के पेड़ों की लम्बी कतारों के बीचों-बीच

सूनसान पगडंडियों पर गुजरती ......

या गर्म दोपहर में आम के बागीचे से लौटती
लाल किनारे वाली सूती धोती पहने
सांवले चेहरे पर उजली धूप लिए
कभी मिली थी तुम  एक सह्फ़े पर

देखा था तुमको मूसलाधार बारिश की किसी शाम
अमरूद के बाड़े की ओर खुलते वरांडे पर

बारिश के साथ रविन्द्रनाथ के प्रेम गीतों में भीगते हुए
किसी नॉवेल में .

पर
बाद उसके ढूँढा तुम को ज़िन्दगी में

स्कूल, कॉलेज
बाज़ार, हाट

गली, मोहल्ले
राहों-चौराहों
पोखर-धारे

गाँव-शहर-महानगर, द्वारे-द्वारे
पर तुम कहीं नहीं थी.


मेले-ठेले
नाटक, नौटंकी
रामलीलाओं,जगराते
बाजे-घाजे
महफ़िल, सन्नाटे
सब जगह तुम्हारी टोह ली
पर तुम कही नहीं थी....

हिन्दू, मुस्लिम
सिख, इसाई जैन, पादरी
ब्रह्मण, क्षत्रिय
वैश्य, शु ...
गोरे , काले
सारी जातों, नसलों सब जगह तुम्हें खोजा,खंगाला
तुम्हारी सम्भावना को स्वीकारा.

पर तुम कहीं भी नहीं थी
मेरी नायिका !

शरदचन्द्र को भी तुम बस
उनकी कहानियों में ही मिली हो शायद

मेरी नायिका !



सहफ़े : पन्ना

8 comments:

Priya said...

Haan! aisi naayika sirf kahaniyon ka hi kirdaar banti hain...jinpe nazm ya kahani to likhi ja sakti hain...lekin zindgi ke sach mein apnyana nahi ja sakta.

ab nazm likhi hain to tareef to karni hi padegi na! sunder qalam chalati hain aapki

Priya said...

ye word verification hataiye....comment karne mein problem hoti hain

main adhoori si ek nazam said...

thanks!

स्वप्निल कुमार 'आतिश' said...

mukul...

aaj ke sach ko sweekara hai tumne is nazm me..sach much ..aisi nayikayen faqat kirdar hain kahaniyon ka.. aur agar koi in kirdaron jaisa lagta hai to bad me pata chalta hai ki ye bhram hai .. achhi kavita likhi dost.. tumhari aaawaz me sununga jaldi hi tumse..aur achhi lagegi ..

main adhoori si ek nazam said...

Bahut dino baad likha hai yaar swapnil! pata nahi kaisa keh paya hun? par likh kar thora sukoon zaroor mila. Thanks!

Pankaj Upadhyay (पंकज उपाध्याय) said...

न जाने कैसे तुम्हारे ब्लोग पर पहुचा पर अच्छा हुआ वरना इतने सेन्सिटिव ख्याल मिस हो जाते.. बहुत ही बढिया है... सुन्दर...

main adhoori si ek nazam said...

Shukriya biradar

saanjh said...

beautiful.....!!
khoobsurat nazm hai. some people are too perfect for real life. kahaniyon mein hi milte hain jo....

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